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Arth (1982) : Koi Ye Kaise Bataye | कोई ये कैसे बताये | Jagjit Singh


गुलज़ार साहब ने लिखा है कि 'रिश्ते बस रिश्ते होते हैं,...  कुछ इक पल के कुछ दो पल के .. कुछ परों से हल्के होते हैं,...  बरसों के तले चलते-चलते भारी-भरकम हो जाते हैं'' ..... कुछ ऐसे ही रिश्ते इस फ़िल्म में देखने को मिलते है... फ़िल्म का यह गीत  शबाना आज़मी के दर्द को  इस खूबसूरती के साथ बयां करता है कि आप सोचने पर  मजबूर हो जाते है कि "यही होता है तो, आखिर यही होता क्यो है?"
जगजीत सिंह जी ने अपनी मखमली आवाज़ से जो जादू इस गीत में किया है वो आज भी दिल को छू जाता है और शबाना आज़मी कि बेहतरीन अदायगी भी जो उन्होंने सिर्फ अपनी आँखों से की है काबिल-ए -तारीफ है।  लेकिन सबसे बड़ा जादूगर अगर इस गीत का कोई है जो इसे आज तक इतना लोकप्रिय किये हुए है तो वो मैं कहूंगा इस गीत के गीतकार 'कैफ़ी आज़मी' साहब जिनके शब्दो ने हमारे दिल को सोचने पर मजबूर किया है कि "यही होता है तो, आखिर यही होता क्यो है?"

कोई ये कैसे बताये के वो तन्हा क्यो है?
वो जो अपना था, वही और किसी का क्यो है?
यही दुनिया है तो फिर, ऐसी ये दुनिया क्यो है?
यही होता है तो, आखिर यही होता क्यो है?

इक ज़रा हाथ बढ़ा दे तो, पकड़ ले दामन
उस के सीने मे समां जाए, हमारी धड़कन
इतनी कुर्बत है तो फिर फासला इतना क्यो है? (कुर्बत = नजदीकी)


दिला-ए बरबाद से निकला नही अबतक कोइ
इक लुटे घर पे दिया करता है दस्तक कोइ
आस जो टूट गयी है फिर से बंधता क्यो है?

तुम मसर्रत का कहो या इसे गम का रिश्ता (मसर्रत = ख़ुशी)
कहते है प्यार का रिश्ता है जनम का रिश्ता
है जनम का जो ये रिश्ता तो बदलता क्यो है?


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Movie : Arth (1982) / अर्थ 
Music :Jagjit Singh & Chitra Singh / जगजीत सिंह, चित्रा सिंह 
Singer : Jagjit Singh / जगजीत सिंह 
Lyrics : Kaifi Azmi / कैफी आज़मी 
Performed By : Sabana Azmi, Raj Kiran, Smita Patil, Kulbhushan Kharbanda
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Koi Ye Kaise Bataye Ke Woh Tanha Kyon Hai?
Woh Jo Apna Tha Wahi Aur Kisi Ka Kyon Hai?
Yahi Duniya Hai To Phir Aisi Ye Duniya Kyon Hai?
Yahi Hota Hai To Aakhir Yahi Hota Kyon Hai?

Ek Zara Haath Bada De To Pakad Le Daaman (Qurbat = closeness)
Uske Seene Mein Sama Jaaye Hamari Dhadkan
Itni Qurbat Hai To Faasla Itna Kyon Hai?
Dil-E-Barbaad Se Nikla Nahin Ab Tak Koi
Ek Loote Ghar Pe Diya Karta Hai Dastak Koi
Aaas Jo Toot Gayi Phir Se Bandhata Kyon Hai?

Tum Masrrat Ka Kaho Ya Ise Gham Ka Rishta (Masrrat = Happiness)
Kehte Hai Pyaar Ka Rishta Hai Janam Ka Rishta
Hai Janam Ka Jo Yeh Rishta To Badalta Kyon Hai?
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